सामका याडी,
बदु नायेक मारो तुकारी, सामका धुडेन जारी,
भर-भर वोल्डी देरोचरे बावालाल,
डेरामाई धुड नकायोरं छोरी आंग छोरी चालचरे बावालाल,
डेरामाई घुड नकायों र सामकान केरो सेवालाल,
तु कुळशे बापेर सामका केरी सेवालालेन खरो बाप तु छी सेवालाल तु
निमते से बाप मारो तुकाराम सेवालाल केरो तुकारामेन तारी छोरी सामका देदर जेतान पान खादो, गोळखादो, जोडो दोई हाथ, तारी मारी भाया आव जलमेरी साथ
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| Samka yadi, |
बणजारों की दिव्य नारियों में सामका याडी का नाम श्रद्धा से लिया जाता है। महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश के बणजारों द्वारा 'सामका याडी की बड़ी भक्ति के साथ पूजा की जाती है। बणजारे कवि अपने लोकगीतों के माध्यम से समाज की सामाजिक व्यवस्था को * चित्रित करते हैं। सामका याड़ी के सम्बन्ध में अनेक कथाए सुनने को मिलती हैं। कथाओंके अनुसार, सामका याडी एक गरीब परिवार की लड़की थी, वह रोज काम पर जाती थी, एक दिन सेवालाल ने सामका याडी को काम पर रखा। सामका याडी की मेहनत देखकर सेवालाल ने खुश होकर पूछा, तुम किसकी बेटी हो? सामकाने उत्तर दिया कि मैं आपकी पुत्री हूं क्योंकि आप सभी के स्वामी हैं। याडी के जवाब और कार्य से प्रभावित होकर सेवालाल महाराज ने सामका याड़ी का विवाह 'अपने भाई जेतालाल' से कर दिया। इस संबंध में बणजारे लोकगीतों का प्रतिपादन इस प्रकार है.

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